Wednesday, 15 February 2017

अजिंक्य शिंदे " आप " महाराष्ट्र का चमकता सितारा

अजिंक्य शिंदे " आप " महाराष्ट्र का चमकता सितारा

मेरे से ज़्यादा अजिंक्य के बारे में और उसके "आप " के लिए योगदान के बारे में कौन जानता होंगा। जंतर मंतर से शुरू हुआ जनलोकपाल का सफर रामलीला तक पहुँचा और फिर जंतर मंतर से "आम आदमी पार्टी " का ऐलान हुआ। मुझे बहोत ख़ुशी हुयी के इतने बड़े आंदोलन की सकारात्मक ऊर्जा को अरविंद केजरीवाल ने सही दिशा में मोड़ा और एक ईमानदार राजनितिक पार्टी का जन्म हुआ।

महाराष्ट्र में भी अब "आप " आएँगी इसकी मुझे बहोत ख़ुशी थी, मन ही मन अरविंद केजरीवाल को मैंने अपना हीरो अपना मसीहा मान लिया था। २६ नवंबर २०१२  को आम आदमी पार्टी का गठन हुआ और २ दिसम्बर २०१२  को आम आदमी पार्टी की देश में पहली जनसभा अंजली दमानिया के मेहनत से रोहा में हुयी। पहली बार अरविंद केजरीवाल को मैंने करीब से देखा और सुना।

मेरा " आप " के लिए काम करने का जोश और बढ़ गया। मैं रायगड़ में काम करने के लिए संघठन खड़ा करने की सोच ही रहा था के फेसबुक के जरिये मेरी मुलाकात अजिंक्य शिंदे से हो  गयी।अजिंक्य अभी अभी  सॉफ्टवेयर इंजिनियर बना था और नोकरी ज्वाइन करने के इंतज़ार में था।  अजिंक्य के अंदर जबरदस्त उत्सुकता थी वह फ़ौरन मुझे मिलने के लिए अलिबाग से खोपोली आया।  उसके आँखों में जबरदस्त देशभक्ति और " आप " के लिए मर मिटने का जज्बा था।

वही से "आप " रायगड़ का सफर और अजिंक्य और मेरी दोस्ती शुरू हुयी। आगे चल कर अजिंक्य को बड़ी IT कंपनी में नोकरी लग गयी जिसकी वजह से वह पार्टी को ज्यादा समय नहीं दे पा रहा था।  वह काफी बेचैन था पर उसने अपने जिंदगी का अहम फैसला लिया और पार्टी के लिए अपनी अच्छी खांसी IT कंपनी की नौकरी जिसे पाने के लिए बाकि लड़के तड़पते है छोड़ दी। यह फैसला सच में बहोत ही साहसी था। पर उसने अपने दिल की आवाज़ सुनी। जब मैंने उसे मना किया तो उसने कहा "सर पार्ट टाइम पार्टी का काम करने से देश नहीं बदलने वाला,किसी को तो कुछ त्याग, बलिदान करना होंगा। "

अपने परिवार को बिना बताये उसने नोकरी छोड़ दी और लातूर जाकर पार्टी का काम करने लग गया ,उसके बाद पार्टी ने उसे गोवा की जिम्मेदारी दी और वह बिना रोकटोक लगातार १ साल अपने परिवार से दूर गोवा में पार्टी का काम पूरी लगन से करता रहा।

आज महाराष्ट्र को अजिंक्य शिंदे जैसे कार्यकर्ताओ की जरूरत है जो महाराष्ट्र के राजनीती को बदलने की ताकत रखते है। अगर "आप " महाराष्ट्र को अजिंक्य के जैसे पूरा वक्त काम करने वाले ५० कार्यकर्त्ता मिल जाये तो "आप " महाराष्ट्र की तस्वीर बदल सकती है और आम आदमी पार्टी महाराष्ट्रमे एक मजबूत पार्टी बनकर उभर सकती है।


हमें अजिंक्य के जैसे निष्ठावंत कार्यकर्त्ता की सख्त जरुरत है ,अजिंक्य हमारे लिये एक प्रेरणा है।


आपका अपना

डॉ रियाज़ पठाण


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