पार्टी की स्थापना हुयी उसके बाद चकाला ऑफिस सभीको बुलाकर मिशन बुनियाद कमिटी घोषित की गयी
जब भी पार्टी में कोई भी कमिटी बनती है तो उस कमिटी से नाराज़ गुट कमिटी के खिलाफ षड़यंत्र करते रहता है, उनके कामोंकी आलोचना करते रहता है। मिशन बुनियाद टीम की ऐसी ही आलोचना हुयी फिर मिशन विस्तार की हुयी। .. अब तो कार्यकर्ताओ का एक गुट इतना ज्यादा नकारात्मक हो चूका है इतना जहर फैला है चारो ओर की पार्टी अब कुछ भी करे उन्हें उसमे कमियां ही दिखेंगी।
आखिर यह कबतक चलेंगा ? क्यों नहीं हम सब मिलकर एकसाथ पार्टी के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर काम नहीं कर सकते ? मिशन बुनियाद सफल होंगा इसकी क्या गॅरंटी थी ? मिशन विस्तार सफल होंगा इसकी क्या गॅरंटी थी ? आम आदमी पार्टी सफल होंगी इसकी क्या गॅरंटी थी ? फिर भी हम हर मोड़ पर पार्टी का साथ देते आये है और देते रहेंगे चाहे आप हमे चापलूस कहो,चमचे कहो। .. और हा हमें पार्टी का चमचा .. अरविन्द का चमचा बनना भी पसंद है।
कोई भी मिशन कार्यकर्ताओ ने ठान लिया तो मुश्किल नहीं है पर हम पहले से ही नकारात्मक रहेंगे तो कोई भी मिशन कामयाब नहीं हो सकता ।
पार्टी का कोई भी मिशन फेल मतलब पार्टी फेल, मतलब हम फेल,मतलब हमारा भ्रष्टाचार मुक्त भारत का सपना फेल और हम हरगिज़ अपने सपने को टूटने नहीं देंगे। हम हर मोड़ पर पार्टी का साथ देंगे।
नांदेड़ सम्मेलन की कामयाबी यही है जो आज महाराष्ट्र में फिर से पार्टी सक्रीय हो रही है। सब हमारे मन जैसा नहीं हो रहा हो पर काम शुरू हुआ है, आशा है धीरे धीरे बाकि चीज़े भी सही होंगी, महाराष्ट्र को स्वायत्तता, चुनाव लड़ने का अधिकार सब मिलेंगा। बच्चा पैदा होने तो दो फिर उसे ओलिम्पिक में दौड़ने लायक बनाएंगे। पैदा होने से पहले ही कहेंगे हमें ओलिम्पिक लेवल का बच्चा चाहिए तो कैसे चलेंगा ?
अब हम कब तक एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप करते रहेंगे ? आखिर सभी एक ही पार्टी एक ही परिवार के सदस्य है। अब बस हो गया नकारात्मक पोस्ट करना। चलो अब हम सब मिलकर पार्टी को मजबूत बनाने के लिए पार्टी का साथ देते है।
आशा है के जल्द ही महाराष्ट्र कार्यकारिणी भी बनेंगी और हमें अच्छा नेता भी मिलेंगा।
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