Thursday, 17 March 2016

मेरे किसान भाई रुक जा,तू क्यों आत्महत्या करना चाहता है ???

मेरे किसान भाई रुक जा,तू क्यों आत्महत्या करना चाहता है ??? 


अल्लाह के नाम से शुरू जो निहायत रहम करनेवाला और मेहरबान है। 

मेरे किसान भाई, 

 तुम मेरा यह लेख पढ़ रहे हो काफी अच्छा लग रहा है, पर तुम यह क्यों पढ़ रहे हो ? क्या तुम आत्महत्या करना चाहते हो ? या फिर आप संशोधन करना चाहते हो क्यों हमारे महाराष्ट्र में किसान भाई आत्महत्या कर रहे है ?

मेरे किसानभाई अगर आप आत्महत्या करना चाहते हो या आपका ऐसा कोई इरादा है तो कृपया ऐसा न करे,क्यों की अल्लाह तआला ने कुराण में फ़रमाया है आत्महत्या करना बहोत बड़ा गुनाह है। अगर आप पैसो की मुसीबत की वजह से आत्महत्या करना चाहते हो तो मराठी सिनेकलाकर नाना पाटेकर की संस्था "नाम फॉउन्डेशन " से संपर्क करे या ऐसे काफी संस्थाये है जो किसानो को आर्थिक सहायता करती है। बुरे दिनों के बाद अच्छे दिन जरूर आते है। धुप के बाद छाव जरूर आती है। सब्र करो,थोड़ा सा इंतजार करो। शायद अल्लाह आपका इम्तहान ले रहा है। आप सब्र का दामन थामे रहो। गलत कदम ना उठावो। आत्महत्या जैसा पाप न करो। 


कुराण अल्लाहतआला का  कलाम है। 

कुराण में सूरह नं.४ आयत नं. २९ और ३० में अल्लाह ने फ़रमाया है "... तुम आपने आप को क़त्ल न करो.निसंदेह अल्लाह तुमपर बहोत दयावान है." "और जो जुल्म और ज्यादती से ऐसा करेंगा,तो उसे हम आग में झोंक देंगे,और अल्लाह के लिए यह बहोत आसान है ". 

क्या हम दोबारा जिन्दा होंगे ?
काफी लोगो के मन में यह सवाल होता है,क्या हम दोबारा जिन्दा होंगे ? 
अल्लाह ने हमें दो हाथ दिये काम करने के लिए, दो पैर दिये चलने के लिए, दो आँखे दिये देखने के लिए और सर के अंदर एक दिमाग दिया सोचने के लिए। तो सोचो क्या यह इतनीबडी दुनिया क्या ऐसे ही चल रही है ? क्या इस दुनिया को बनानेवाला कोई नहीं है ? और क्या जिसने हमें पैदा किया वह हमें दोबारा जिन्दा करेंगा ? 
हा क्यों नहीं।जिसने हमें पैदा किया वह हमें दोबारा जिन्दा करेंगा और यह उसके लिए बिलकुल भी मुश्किल नहीं है। 

मिसाल के तौर पर हवाईजहाज जब पहली बार बनाना था तो काफी मुश्किल था पर एक मर्तबा बन गया तो उसे दोबारा बनाना ज्यादा मुश्किल नहीं रहा।  उसी तरह शायद दुनिया बनानेवाले को पहली बार हमे बनाना थोड़ा बहोत मुश्किल रहा होंगा पर उसे दोबारा बनाने में बिलकुल भी मुश्किल नहीं है। और हा हम फिर एक बार क़यामत के दिन जिन्दा किये जायेंगे। 

कुराण में सूरह बक़रह सूरह नं २ आयत १९५ में अल्लाह कहता है ".... आपने आप को तबाही में ना डालो।अच्छाई करते रहो। निःसंदेह अल्लाह अच्छाई करनेवालो को पसंद करता है". 

उसीतरह जो कोई आपने आपको आग के हत्यार से क़त्ल करेंगा वह उसी आग से क़यामत के दिन तक जलते रहेंगे और तड़पते रहेंगा । जो रस्सी से गले में फास लगाकर मरेंगा वह क़यामत के दिन तक उसी तरह फांसी पर लटका रहेंगा जबतक नरक में जलाया नहीं जाता। जो अपने आप को लोहे के हत्यार से क़त्ल करेंगा वह क़यामत तक अपने आप को उसी हत्यार से जख्मी करता रहेंगा जबतक नरक में जलाया नहीं जाता। और जो कोई जहर पीकर आत्महत्या करेंगा वह क़यामत के दिन तक जहर पिता रहेंगा जबतक नरक में जलाया नहीं जाता। और जो ऊँची जगह से कूद कर आत्महत्या करेंगा वह क़यामत के दिन तक उसी तरह गिरता रहेंगा जबतक नरक में जलाया नहीं जाता। 


तो दोस्तों आत्महत्या यह सबसे बड़ा गुनाह/पाप  है और मरने के बाद भी इस गुनाह की सजा मिलेंगी। 

आज  अगर आप पर मुसीबत है तो यह अल्लाह का इम्तहान है। सब्र करो। आत्महत्या का रास्ता ना चुनो। 

क्योकी कुराण में सूरह अलम नशरह सूरह नं ९४ आयत नं ५ और ६ में अल्लाह कहता है  "... अत:निश्चय कठिनाई के साथ आसानी भी है.निःसंदेह कठिनाई के साथ आसानी है। "

और  बेशक अल्लाह सच बोलने वाला है।

नाना पाटेकर यांच्या नाम संस्थेशी संपर्क करा - http://naammh.org/


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